स्वयं को माचिस की तीली न बनाएँ

“स्वयं को माचिस की तीली न बनाएँ,
जो थोड़ा सा घर्षण लगते ही सुलग उठे,
स्वयं को वह शांत सरोवर बनाए, जिसमें कोई अंगारा भी फैंके तो,
…वह खुद ही बुझ जाए…।।”

ख़ुश रहें… स्वस्थ रहें… मस्त रहें…
🌞🌝 नमस्कार सुप्रभात 🌞🌝

Goodwala Morningji

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