तकदीर मे जो लिखा है उसकी फर्याद न कर…

“गुजरी हुई जिंदगी को
कभी याद न कर,

तकदीर मे जो लिखा है
उसकी फर्याद न कर…

जो होगा वो होकर रहेगा,

तु कल की फिकर मे
अपनी आज की हसी
बर्बाद न कर…

🍥🌺🌹. Good Morning 🌹🌺🍥

दूसरों को नसीहत देना तथा आलोचना करना सबसे आसान काम है…

⚡⚡🌩⛈🌧🌦☁⚡⚡
🌇शुभ प्रभात🌇
🌱🍀🌸🌱🍀🌸🌱🍀🌸
कर्मों की आवाज़
शब्दों से भी ऊँची होती है…!
“दूसरों को नसीहत देना
तथा आलोचना करना
सबसे आसान काम है।
सबसे मुश्किल काम है
चुप रहना और
आलोचना सुनना…!!”
यह आवश्यक नहीं कि
हर लड़ाई जीती ही जाए।
आवश्यक तो यह है कि
हर हार से कुछ सीखा जाए

🎀मंगलमय सुबह🎀
🍂सुप्रभात🍃
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

स्वयं को माचिस की तीली न बनाएँ

“स्वयं को माचिस की तीली न बनाएँ,
जो थोड़ा सा घर्षण लगते ही सुलग उठे,
स्वयं को वह शांत सरोवर बनाए, जिसमें कोई अंगारा भी फैंके तो,
…वह खुद ही बुझ जाए…।।”

ख़ुश रहें… स्वस्थ रहें… मस्त रहें…
🌞🌝 नमस्कार सुप्रभात 🌞🌝

Goodwala Morningji

🌺🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🌺🌺

अपनी जिंदगी के किसी भी दिन को मत कोसना

🌞💐🌹 हरि ॐ 🌹💐🌞

चींटी से मेहनत सीखिए
बगुले से तरकीब
और
मकड़ी से कारीगरी।

अपने विकास के लिए अंतिम समय
तक संघर्ष कीजिए।
संघर्ष ही जीवन है।

“अपनी जिंदगी के
किसी भी दिन को मत कोसना”.
“क्योंकि;”
“अच्छा दिन खुशियाँ लाता है”
“और बुरा दिन अनुभव;.”.
“एक सफल जिंदगी के लिए
दोनों जरूरी होती है” ♈

🌹🌷 शुप्रभात 🌷🌹

मुस्कुराना सीखिये …..

🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂
.🍃 मदद करना सीखिये
.🍂 फायदे के बगैर.

.🍃 मिलना जुलना सीखिये
.🍂 मतलब के बगैर.

.🍃 जिन्दगी जीना सीखिये
.🍂 दिखावे के बगैर.

.🍃 मुस्कुराना सीखिये
.🍂 सेल्फी के बगैर.

. और

.🍃 प्रभु पर विश्वास रखिये
.🍂 किसी शंका के बगैर

.🍃 🙏🏻 सुप्रभातम् 🙏

Nobody is a friend or an enemy of other persons

न कश्चित् कस्यचिन्मित्रं न कश्चित् कस्यचित् रिपुः।
अर्थतस्तु निबध्यन्ते मित्राणि रिपवस्तथा।।

न तो कोई किसी का मित्र होता है और न कोई शत्रु होता है। धन संपत्ति और व्यक्तिगत हित ही वे कारण होते हैं जो व्यक्तियों के बीच में मित्रता और शत्रुता स्थापित करते हैं।

Nobody is a friend or an enemy of other person/s. It is the wealth and motive to further one’s interests, which acts as a binding force between persons turning them into friends or enemies.

शुभ दिन हो।

🌸🌹💐 🙏🏼

Money earned through deceptive/ sinful/ corrupt/unlawful means by an individual makes

दीपो भक्षयते ध्वान्तं कज्जलं च प्रसूयते।
यदन्नं भक्ष्यते नित्यं जायते तादृशी प्रजा॥

जिस प्रकार दीपक अंधकार को समाप्त करता है अर्थात् खाकर कला धुआं/ काजल उत्पन्न करता है,
वैसे ही हम जिस प्रकार से उपार्जित अन्न ग्रहण करते हैं, हमारे विचार भी क्रमशः वैसे ही बन जाते हैं।

A lamp removes (eats) darkness and produces smoke side by side. Similarly money earned through deceptive/ sinful/ corrupt/unlawful means by an individual makes his mentality alike.

जैसा खाओ अन्न, वैसा होगा मन।

शुभ दिन हो।

🌹🌸💐🙏🏼

कोई पुष्प रंग बिरंगा होने पर भी शोभित नहीं होता है (पसंद नहीं किया जाता है)

कुसुमं वर्णसंपन्नं गन्धहीनं न शोभते।
न शोभते क्रियाहीनं मधुरं वचनं तथा।।

कोई पुष्प रंग बिरंगा होने पर भी शोभित नहीं होता है (पसंद नहीं किया जाता है) यदि वह गन्धहीन होता है। उसी प्रकार बिना कोई कार्य (सहायता) किये केवल मीठी मीठी बातें करना भी शोभा नहीं देता है।

A flower in spite of being very colourful is not adorned if it is not having fragrance. Similarly, only pleasant talk without any supporting action is not at all appreciated.

शुभ दिन हो।

🌸🌹💐🙏🏻